दोस्तों, अगर आप Shiv Chalisaकी तलाश कर रहे हैं तो आप सही जगह पर पहुंचे हैं। इस लेख में आपको Shiv Chalisa हिंदी में मिलेगी। शिव चालीसा कब पढ़नी चाहिए? आइए जानते हैं. शिव चालीसा में चालीस पंक्तियां हैं जिनमें भगवान शंकर का स्तुतिगान है. वैसे तो आप भगवान शिव की स्तुति किसी भी दिन कर सकते हैं, लेकिन शास्त्रों में सोमवार को भगवान शंकर का दिन माना जाता है. इसलिए सोमवार के दिन यदि शिव चालीसा का पाठ किया जाए तो उसका फल जल्द प्राप्त होता है.
Shiv Chalisa in hindi
||दोहा||
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥
||चौपाई||
जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥
भाल चन्द्रमा सोहत नीके । कानन कुण्डल नागफनी के ॥
अंग गौर शिर गंग बहाये । मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे । छवि को देखि नाग मन मोहे ॥
मैना मातु की हवे दुलारी । बाम अंग सोहत छवि न्यारी ॥
कर त्रिशूल सोहत छवि भारी । करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥
नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे । सागर मध्य कमल हैं जैसे ॥
कार्तिक श्याम और गणराऊ । या छवि को कहि जात न काऊ ॥
देवन जबहीं जाय पुकारा । तब ही दुख प्रभु आप निवारा ॥
शिव चालीसा के द्वारा आप अपने सभी दुख भूलकर शंकर भगवान की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह भक्त शिव जी को प्रसन्न कर अपनी मनोकामना पूरी कर लेते हैं। शिव चालीसा का पाठ करने से डर या भर से भी छुटकारा मिलता है। इसके लिए जय गणेश गिरीजा सुवन’ मंगल मूल सुजान, कहते अयोध्या दास तुम’ देउ अभय वरदान वाली लाइन पढ़ें।
शिव चालीसा कैसे पढ़ते हैं?
शिव पूजा में सफेद चंदन, चावल, कलावा, धूप-दीप, पुष्प, फूल माला और शुद्ध मिश्री को प्रसाद के लिए रखें. पाठ करने से पहले गाय के घी का दिया जलाएं और एक कलश में शुद्ध जल भरकर रखें. शिव चालीसा का 3, 5, 11 या फिर 40 बार पाठ करें. शिव चालीसा का पाठ सुर और लयबद्ध करें|
शिव चालीसा पढ़ने के फायदे?
वेदों के अनुसार भक्त शिव चालीसा का अनुसरण अपने जीवन की कठिनाइयों और बाधाओं को दूर करने के लिए करता है. शिव चालीसा के माध्यम से आप भी अपने दुखों को दूर करके शिव की अपार कृपा प्राप्त कर सकते हैं. व्यक्ति के जीवन में शिव चालीसा का बहुत महत्व है. शिव चालीसा के सरल शब्दों से भगवान शिव को आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है|